‘मोहर्रम’ पर नहीं खुलेंगे चंद्रपुर कारागृह के दरवाज़े

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इस बार 9 वीं – 10 वीं ‘मोहर्रम’ पर नहीं खुलेंगे चंद्रपुर कारागृह के दरवाज़े

 

चंद्रपुर :

अंग्रेजों के ज़माने की चंद्रपुर कारागृह के भीतर हज़रत मखदुम शाहबुद्दीन शाह उर्फ गैबीशाह वली की दरगाह हैं. यहां मोहर्रम की 9 वीं और 10 वीं होनेवाले मोहर्रम की उर्स को कोरोना संक्रमण के चलते रद्द कर दिए जाने की सूचना कारागृह अधीक्षक वैभव आगे ने एक विज्ञप्ति के तहत सुचना जारी की है।

जिला कारागृह अधीक्षक वैभव आगे ने कहा की वर्तमान में कोरोना महामारी का सर्वत्र प्रसार हो रहा है राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन कानून और संक्रमक रोग प्रतिबंध कानून के तहत सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ ना करने के निर्देश दिए है। साथ ही सुप्रीमकोर्ट, हायकोर्ट के आदेश के तहत कारागृह के बंदियों को कोविड -19 के संक्रमण से मुक्त रखने के भी निर्देश दिए गए है।

चंद्रपुर जिला कारागृह में बंदियों को साथ ही अधिकारी एवं कर्मचारियों को कोरोना संक्रमण ना हो इसलिए इस वर्ष मुस्लिम हिजरी मोहर्रम की नवी और दसवीं 29 -30 अगस्त को जिला कारागृह के भीतर स्थित हजरत मखदुम शहाबुद्दीन शाह उर्फ गैबीशाह वली की दरगाह पर उर्स का आयोजन स्थगित कर दिया गया है।

प्रतिवर्ष इस मोहर्रम के उर्स में जिले के विदर्भ और पड़ोसी राज्य तेलंगाना से बड़ी संख्या में श्रध्दालु यहां आकर जियारत करते थे। कारागृह भीतर के कुएं जल को पवत्र माना जाता है और उस जल को बोटलों में भरकर अपने घर ले जाते थे। श्रध्दालुओं का विश्वास था कि उर्स के दो दिनों में जल मीठा होकर इसमें अनेक बीमारियों से निजात मिलने शक्ति प्रदान होती है। उर्स के अवसर पर महानगर के विभिन्न आस्थानों से संदल निकाला जाता था जो गाजे बाजे और हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए दरगाह परिसर पहुंचते थे किन्तु कोरोना वायरस के खतरे के चलते इस वर्ष ना तो उर्स का आयोजन होगा ना ही संदलों को कारागृह में प्रवेश की अनुमति होगी।

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