ताडोबा पर्यटन के लिए ऑनलाईन बुकिंग शुरू

0
334

 

चंद्रपुर :

बाघों के लिए भारत ही नहीं दुनियाभर में विख्यात ताडोबा अंधारी व्याघ्र प्रकल्प में पर्यटन कर बाघों का दीदार करने की हसरत सभी की होती है. खासकर परिवार के बच्चे और बुजुर्गों की ज्यादा होती है. लॉकडाउन की वजह से अबतक जंगल का ये पर्यटन बंद पड़ा था. हालांकि अभी 1 अक्तूबर से इसे दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया है. जिसकी आॅनलानि बुकिंग शुरू हो गई है. लेकिन इसी के साथ ऐसी शर्त भी रखी गई है जिसकी वजह से कई परिवारों की खुशी पर पानी फिर जाएगा. क्योंकि इस शर्त के अनुसार कई परिवार अपने बच्चे और बुजुर्गो को अपने साथ पर्यटन पर नहीं ले जा सकेंगे.
हर वर्ष लाखों पर्यटक यहां बाघ का दीदार करने के लिए पहुंचते है. दरअसल कोरोना के कारण हर क्षेत्र पर बहुत असर होने के साथ ही पर्यटन का भारी नुकसान हुआ है. ऐसे में अनलॉक में नियमों के साथ पर्यटन धीरे – धीरे शुरू किया जा रहा है. इस बीच अगले माह अक्तूबर से शुरू होनेवाले ताडोबा के पर्यटन में 10 वर्ष के नीचे आयु वाले बच्चे, 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को पर्यटन के लिए प्रवेश नहीं देने का नियम बनाया गया है. इस फैसले से कई परिवारों का पर्यटन का प्लान चौपट होने की संभावना है. वहीं ये सवाल भी खड़ा होने लगा है कि जब ऐसे शर्ते ही रखनी थी तो पर्यटन दोबारा शुरू ही क्यों किया जा रहा है?

बुखार अथवा लक्षण वाले पर्यटकों को ‘नो एंट्री’
जब तक कोरोना है तब तक ऐसी ही स्थिति रहेगी. सरकार और प्रशासन के माध्यम से गाइड लाइन आने के बाद इसमें जरूरी बदलाव किया जाएगा. किसी को लक्षण होंगे अथवा हाई रिस्क कॉन्टैक्ट के संपर्क में आए होंगे, ऐसे पर्यटक पर्यटन के लिए आना टाले. बच्चे, बुजुर्ग न आए. जारी दिशा – नियमों का पालन करें. नियमों से पर्यटन पर क्या असर होगा? यह तो बुकिंग शुरू होने के बाद ही समझ में आएगा. 1 अक्तूबर से पर्यटन शुरू होगा. इसके पहले राज्य सरकार व एनटीसीए द्वारा जारी गाइड लाइन अनुसार आवश्यक तैयारी व संबंधितों को दिशा – निदेशों के साथ ट्रेनिंग दी जाएगी.
-डॉ. जितेंद्र रामगांवकर, वनसंरक्षक तथा क्षेत्र संचालक ताडोबा – अंधारी व्याघ्र प्रकल्प, चंद्रपुर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here