पुरुषोत्तमदास बांगला कॉन्वेंट चिमूर की प्रिंसिपल पर फीस नहीं लौटाने का आरोप

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चिमूर (चंद्रपूर) :

अभिभावक और शिवसेना की ओर से उपविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर यह मांग की गई है कि पुरुषोत्तमदास बागला कॉन्वेंट चिमूर की प्राचार्य ने प्रवेश फीस लेकर अभिभावकों को लूटने की कोशिश की है. इस माध्यम से उनपर कार्रवार्ई करने की मांग भी की गई है.
पुरुषोत्तमदास बागला कॉन्वेंट चिमूर में कु. सेजल तेजराम फाये ने कक्षा 8 वीं और चि. इशांत तेजराम फाये ने कक्षा 4 थी में एडमिशन लिया था. लेकिन चि. इंशात तेजराम फाये ने कॉन्वेंट में पढ़ने से इनकार कर दिया. इसलिए अभिभावकों ने उसका एडमिशन कैैंसल करने की बिनती प्राचार्य से की थी. इस पर प्राचार्य दोनों बच्चों की एडमिशन रद्द करने के लिए कहने लगी. आरोप किया जा रहा है कि इस समय उन्होंने गालीगलौज भी की. जब वह कछ सुनना ही नहीं चाहते थे तो अभिभावकों ने दोनों बच्चों की एडमिशन को रद्द कर दिया. लेकिन उन्होंने एडमिशन फीस नहीं लौटाई. आखिरकार इस मामले में अब शिवसेना उप तालुका प्रमुख केवलसिंग जुनी और पूर्व शिवसेना उप जिल्हा प्रमुख धरमसिह वर्मा ने उपविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और उन्हें बताया कि अभिभावकों को लूटने वाले संबंधित कॉन्वेंट और उसके अध्यक्ष, प्राचार्य पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो शिवसेना अपने स्टाइल में जवाब देगी.

प्राचार्य कहती हैं- ऐसा कुछ नहीं हुआ है
पुरुषोत्तमदास बांगला कॉन्वेंट की प्राचार्य मीरा पेंडके ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि जैसा अभिभावक बता रहे है, वैसा कुछ नहीं हुआ है. जब अभिभावकों ने एडमिशन रद्द की तो उन्हें फीस भी लौटा दी गई है. उल्लेखनीय है कि प्राचार्य ने यह भी दावा किया है कि जिस समय फीस लौटाने वाला मामला हुआ तब वह वहां मौजूद नहीं थी.