चंद्रपुर शराब बंदी : लापरवाही बरतने पर शराब विरोधी दल पर गिरी गाज, “पुराने अधिकारी हटाये गए ,नए को सौपी कमान”

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चंद्रपूर

पिछले पांच सालों से चंद्रपुर जिले में शराब बंदी लागू है. लेकिन ये सिर्फ फाइलों में ही दर्ज है. असल में खुलेआम आप कहीं पर भी शराब खरीद और बेच सकते हो. पदभार संभालने के बाद पुलिस अधीक्षक ने अवैध शराब विक्रेताओं पर नकेल कसने के लिए चार दल बनाए थे. दावा था कि ये दल कड़ी कार्रवाई करेगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. आखिरकार इस लापरवाही की वजह से इस दल पर ही अब गाज गिर गर्ई है.

चंद्रपुर : पुलिस अधीक्षक अरविंद सालवे ने जिले में जारी शराब बंदी के बावजूद खुलेआम इसकी बिक्री होने पर नाराजी जताते हुए कार्रवाई के लिए चार विशेष दलों की स्थापना की थी. लेकिन सप्ताह भर में इस दल के परफॉर्मेंस से नाराज एसपी ने अब पुराने अधिकारियों को हटाकर नए नियुक्त करने का फैसला लिया है. उल्लेखनीय है कि एक दल में सहायक पुलिस उपनिरीक्षक दर्जे का अधिकारी और चार पुलिस सिपाही को शामिल किया गया है. इस दल को जिले में कहीं पर भी कार्रवाई करने का अधिकार भी दिया गया है.

बुधवार (7 सितंबर) को हुर्ई क्राइम मीटिंग में इस मामले में गंभीर चर्चा हुई. अब ये फैसला लिया गया है कि इस दल की पुनर्रचना की जाएगी. जिस सोच के साथ इन दलों का गठन किया गया था, वह अबतक पूरा होता नहीं दिख रहा है. यही कारण है कि पुराने अधिकारियों को हटाकर नए अधिकारियों को इन दलों की कमान सौंपी जाएगी.

रामनगर के सहायक पुलिस निरीक्षक संतोष दरेकर को दल से हटा दिया गया है. शहर पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक विनोद रहांगडाले को भी एक दल की कमान सौंपी गर्ई थी. लेकिन वो कोविड संक्रमित होने से उन्होंने काम ही नहीं संभाला. उनके स्थान पर शहर पुलिस थाने के उपनिरीक्षक दीपक चालुरकर को काम सौंपा गया था लेकिन उन्हें भी दल से निकाल दिया गया है. बल्लारपुर के सहायक निरीक्षक विनीत घागे अपनी जिम्मेदारी पर बने रहेंगे. लोकल क्राइम ब्रांच के सहायक निरीक्षक जितेंद्र बोबडे भी एक दल की कमान संभाल रहे थे. लेकिन उनके पास अब मनोज अधिकारी हत्याकांड की जांच आने से अब भद्रावती के पुलिस उपनिरीक्षक श्री. ठाकूर और मूल के श्री. राठोड को दल की कमान सौंपी जाने वाली है.

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