बाघ को मारने की मांग पर अड़े विरूर के किसान : गांव में किया आंदोलन

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राजुरा

बाघ के हमले में मारे जा रहे ग्रामीणों से गुस्साए किसानों ने राज्य के मुख्यमंत्री, वनमंत्री से सवाल किया है कि किसान कब तक बाघ का शिकार होता रहेगा? आर टी वन बाघ के हमले में अबतक दस किसान, खेतिहर मजदूर और मवेशी मारे गए है. इससे गुस्साए किसानों ने शेतकरी संगठन के नेतृत्व में विरूर वन कार्यालय के सामने धरना आंदोलन किया.

इस बाघ को पकड़ने के लिए कई बार मांग की गई, लेकिन वनविभाग इसे पकड़ने में नाकाम ही साबित हुआ. इसी वजह से किसानों का गुस्सा फुट पड़ा. शेतकरी संगठन के नेतृत्व में विरूर वनपरीक्षेत्र कार्यालय के सामने किसानों ने धरना आंदोलन किया. इसमें राजुरा तहसील के 28 गांवों के सैकड़ों किसान शािलम हुए. अपनी मांगों का ज्ञापन किसानों ने विरूर वनपरिक्षेत्र अधिकारी को सौंपा. इस समय किसान नेता एड. वामनराव चटप, प्रभाकर ढवस, कपील इदे , डॉ. गंगाधर बोडे, सुरेश आस्वले, आबाजी ढवस, जीवन आमने उपस्थित थे.

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